ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स आइआरजीसी के डिप्टी कंमाडर ने कहा है कि फ़ार्स की खाड़ी में जासूसी के मक़सद से घुसने वाले अमरीकी स्कैन-ईगल ड्रोन का पकड़ा जाना अमेरिका के मुक़ाबले में ईरान की ताक़त और पूरी तय्यारी का सूचक है। मंगल को ब्रिगेडियर जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि जासूसी आपरेशन में अमरीका की नई नाकामी से यह साबित हो जाता कि अमरीकी सरकार अपनी हाई मिलेट्री और एकोनिमिक पावर एवं इंटरनेशनल पालिटिक सिस्टम पर प्रभाव के बावजूद, इस्लामी रिपब्लिक ईरान से टकराने की ताक़त नहीं रखता है, और ईरान आसानी से उसकी सभी पालीसियों और उम्मीदों पर पानी फेर रहा है।हुसैन सलामी ने कहा कि ईरान ऐसे हालात में दुश्मन की स्कीमों को नाकाम बना रहा है कि जब पश्चिम द्वारा थोपे गए कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।ग़ौरतलब है कि मंगल को ही IRGC के नौसेना कमांडर रियर एडमिरल अली फ़दवी ने ऐलान किया था कि ईरान की वायु सीमा में (फार्स की खाड़ी में) उड़ान भरने वाले जासूसी ड्रोन को पकड़ लिया गया है।सेकैन-ईगल ड्रोन कि जिसके पंख 3 मीटर लंबे हैं बोइंग की एक सहायक कंपनी इन्सिटु द्वारा बनाया गया विमान है।इतवार को वाल स्ट्रीट जनरल की वैब साइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में अमरीकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि पिछले दो महीनों से वाशिंगटन ने दक्षिणी ईरान के बूशहेर में स्थित न्युक्लीय प्लांट की जासूसी में बढ़ोतरी की है।एक साल पहले भी ईरानी सेना ने अमरीकी ड्रोन RQ-170 को उतार लिया था कि जो ईरान के काशमर नगर के ऊपर उड़ान भर रहा था।..............166
4 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 369922
ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स आइआरजीसी के डिप्टी कंमाडर ने कहा है कि फ़ार्स की खाड़ी में जासूसी के मक़सद से घुसने वाले अमरीकी स्कैन-ईगल ड्रोन का पकड़ा जाना अमेरिका के मुक़ाबले में ईरान की ताक़त और पूरी तय्यारी का सूचक है..........